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देश की जीडीपी में महाराष्ट्र का सबसे अधिक योगदान 

by zadmin

 देश की जीडीपी में महाराष्ट्र का सबसे अधिक योगदान 
 विशेष संवाददाता 
मुंबई,@nirbhaypathik :
महाराष्ट्र विधानसभा में बजट पर कई दिनों तक चली चर्चा पर विभिन्न सदस्यों ने भाग लिया था जिस परमहाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बुधवार को सिलसिलेवार  ढंग से जवाब दिया और कहा अगर महाराष्ट्र एक अलग देश होता तो वह दुनिया की 30वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था होता। बजट पर हुई चर्चा का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने विपक्ष के दावों कि राज्य कर्ज से डूब गया है को गलत बताते हुए कहा कि राज्य की वित्तीय स्थिति अच्छी है और राजकोषीय घाटा और राजस्व घाटा,  वित्तीय जिम्मेदारी एवं बजट प्रबंधन कानून (एफआरबीएम) के तय नियमों के अनुसार नियंत्रण में है। राज्य की अर्थव्यवस्था वर्तमान में 51 लाख करोड़ डॉलर की है। डॉलर की वर्तमान दर के अनुसार राज्य साल 2029  में एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्थावाला हो जायेगा। महाराष्ट्र ,देश में सबसे पहला राज्य होगा जो सबसे पहले एक ट्रिलियन डॉलर की इकॉनामी बनेगा। 
मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि वर्ष 2013-14 में राज्य की जीएसडीपी 16 लाख करोड़ रुपए थी। पिछले 10 साल में जीएसडीपी 16 लाख करोड़ से बढ़कर 51 लाख करोड़ रुपए तक जा पहुंची है। राज्य की अर्थ व्यवस्था 10 साल में तीन गुना से अधिक बढ़ी है। यदि महाराष्ट्र एक अलग देश होता तो वह दुनिया की 30वीं अर्थव्यवस्था होता। महाराष्ट्र आज ऑस्ट्रिया, थाइलैंड, फिलीपींस, नार्वे, वियतनाम और बांग्लादेश की अपेक्षा बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है। यदि यही विकास दर कायम रही तो अगले दो से तीन साल में महाराष्ट्र यूईए और सिंगापुर जैसे देशों की अर्थव्यवस्था से आगे हो जाएगा।
उन्होंने कहा कि राज्य मे प्रति व्यक्ति आय 3 लाख 17 हजार 803 रुपए से बढ़कर 3 लाख 47 हजार 903 रुपए हो गई है, हालांकि प्रति व्यक्ति आय में महाराष्ट्र पांचवें नंबर पर है, लेकिन राज्य के क्षेत्रफल और जनसंख्या पर विचार किया जाए तो हमारी विकास दर अच्छी दिख रही है। राज्य जितना बड़ा होता है, उसकी विकास दर कम होती है, लेकिन महाराष्ट्र ने अपनी विकास दर कायम रखी है।  
उन्होंने कहा कि भारत की कुल जीडीपी में महाराष्ट्र का योगदान सबसे ज्यादा है और यह लगभग 14 प्रतिशत है। इसके साथ ही राज्य विदेशी निवेश के मामले में भी देश में पहले स्थान पर बना हुआ है। इसके साथ ही केंद्रीय करों से मिलने वाले हिस्से में भी पिछले दस वर्षों में पांच गुना से अधिक बढ़ोतरी हुई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कर्ज में वृद्धि की तुलना में कई गुना ज्यादा बढ़ोतरी पूंजीगत निवेश में की गई है, जिससे बुनियादी ढांचे और विकास परियोजनाओं को गति मिली है। राज्य का राजकोषीय घाटा और राजस्व घाटा वित्तीय जिम्मेदारी एवं बजट प्रबंधन कानून के दायरे में नियंत्रित हैं, जिससे वित्तीय अनुशासन बनाए रखा गया है। केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत एक ही वर्ष में महाराष्ट्र के लिए 30 लाख घरों को मंजूरी दी है। वहीं खेल क्षेत्र में खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के लिए क्रीडा प्रबोधिनी को भी निधि दी जा रही है, जिससे राज्य के खिलाड़ी बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं। राज्य सरकार का लक्ष्य आने वाले समय में महाराष्ट्र को 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाना है। उन्होंने बजट में भाजपा को सबसे अधिक फंड देने के मामले पर कहा कि हमारी संख्या भी सबसे अधिक है हम 137 हैं। 

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