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फिर टीपू सुल्तान पर,मचा हुआ कोहराम
हिंदू दुश्मन का करें, द्रोही ललित ललाम
द्रोही ललित ललाम,राम इनको समझाओ
नहीं देश से प्यार,पाक का टिकट कटाओ
कह सुरेश कविराय जहां रहते हैं काफिर
उस माटी को चाट रहे हो काहें फिर-फिर
सुरेश मिश्र