Home मुंबई-अन्य महाराष्ट्र विधानसभा:मुख्यमंत्री शिंदे का उद्धव पर तंज – डिस्टेंस एजुकेशन तो सुना था डिस्टेंस एडमिनिस्ट्रेशन नहीं !-

महाराष्ट्र विधानसभा:मुख्यमंत्री शिंदे का उद्धव पर तंज – डिस्टेंस एजुकेशन तो सुना था डिस्टेंस एडमिनिस्ट्रेशन नहीं !-

by zadmin

डिस्टेंस एजुकेशन तो सुना था डिस्टेंस एडमिनिस्ट्रेशन नहीं – मुख्यमंत्री 

संजीव शुक्ल

मुंबई(निर्भय पथिक):शुक्रवार को  राज्यपाल रमेश बैस  के अभिभाषण पर हुई चर्चा का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री शिंदे ने विपक्ष  पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने जहां कसबा विधानसभा के उपचुनाव में भाजपा की हार की आलोचना का जवाब दिया  और कहा कि हम दोनों ने  रणनीति बनाई है। उन्होंने उत्तर प्रदेश का उदाहरण देते हुए  कहा कि भाजपा का  इतिहास रहा  है कि जब भाजपा उप चुनाव में हारती है तो राज्य के चुनाव को फतह करती है। मुख्यमंत्री ने अजित पवार की देश द्रोही वाली अपनी टिप्पणी पर सफाई देते हुए कहा कि पूर्व मंत्री नवाब मलिक के  देशद्रोह के तहत मामला दर्ज़ किया गया है। उनका दाऊद की बहन हसीना पारकर  से संबंध  थे। दाऊद के लोगों से आर्थिक  व्यवहार किया।  ऐसे में उनके लिए यह टिप्पणी थी। हमें महाराष्ट्र द्रोही कहा , हमारी सरकार को  असंवैधानिक बताया। हमारी सरकार पूरी तरह कानूनी है। उन्होंने अजित पवार को कहा कि यदि हमारी सरकार असंवैधानिक है तो क्या आपका विपक्ष का नेता पद भी असंवैधानिक है। उन्होंने कहा कि  आपसे  यह उम्मीद नहीं थी कि चाय पीने की बात को महाराष्ट्र द्रोह बताएंगे । जहां आप ( विधानसभा में विपक्ष के नेता ) हो वहां जयंत पाटिल को होना चाहिए था। मुख्यमंत्री ने अजित पवार को कहा दादा आप कट्टर शिवसैनिक मत बनिए और लोगों के लिए जगह रहने दीजिये।  पवार के आलोचना का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि  मुख्यमंत्री के सरकारी आवास वर्षा का 2 करोड 40लाख का खान पान का बिल आया । हमारे पास  बहुत अच्छे  लोग आते हैं तो क्या उनको चाय भी नहीं पूछू । यह महाराष्ट्र की संस्कृति है। उन्होंने कहा वर्षा काफी समय सेबंद था। मेरे आने के बाद बहुत से लोग आने लगे। तत्कालीन मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे  को मिलने के लिए जाने के पहले दिशा निर्देश थे। उन्होंने उद्धव ठाकरे के मुख्यमंत्री  रहने के दौरान कार्य पद्धति पर चुटकी ली और कहा कि डिस्टेंस एजुकेशन तो सुना था डिस्टेंस एडमिनिस्ट्रेशन नहीं। दावोस में 40-50 करोड़ रूपये खर्च पर उन्होंने कहा कि यह सच है कि 20-25 करोड़ खर्च  हुए लेकिन वहां 1करोड़ 37 हज़ार के एमओयू पर हस्ताक्षर हुए। जो छह कंपनी है उसको जगह अलॉट करने का निर्णय लिया है। महाराष्ट्र का पैविलियन, भारत के पैविलियन के बगल में था। वहां कई राष्ट्राध्यक्ष पहुंचे।  पिछली बार मध्यप्रदेश के पैविलियन में महाराष्ट्र को एक टेबल कुर्सी दे दी गयी थी।  पिछली बार दावोस में दिल्ली की एक कंपनी 40 से 50 हजार करोड़ के एमओयू पर हस्ताक्षर किये गए लेकिन वास्तव में एक पैसे का निवेश नहीं हुआ। विज्ञापन के बारे में विपक्ष को जवाब देते हुए  उन्होंने कहा पहले कि राज्य सरकार ने पहले सिर्फ ‘मेरा परिवार मेरी जिम्मेदारी’ की घोषणा की  लेकिन हमारा नारा इतना संकुचित नहीं है। हमारा नारा है ‘ मेरा  महाराष्ट्र, गतिमान महाराष्ट्र’। उन्होंने कहा कि इंफ्रास्ट्रक्चर के मामले में महाराष्ट्र नंबर एक है। मुख्यमंत्री शिंदे ने कहा कि निर्वाचन आयोग ने चिन्ह दिया, पार्टी का नाम दिया। हमने जो किया नियम से किया। सर्वोच्च न्यायालय  इस मामले में स्थगन तक नहीं दिया। उन्होंने बताया कि फाइव स्टार पब्लिक टॉयलेट के निर्माण का निर्णय लिया है उसका काम चालू है। मुंबई अंतरराष्ट्रीय शहर है यहाँ दुनिया भर के पर्यटक आते हैं तो उनको वैसा दिखना चाहिए। हम कंक्रीट का रोड बनवा रहे हैं ।  मुंबई में बदलाव ला रहे हैं.सभी को इसका समर्थन करना चाहिए । मुंबई में साफ  सफाई और व्यवस्था के बारे में उठाये गए कदम के बारे में बताते हुए उन्होंने  कहा  कि जी -20वाले आये थे तो बोले आपने तो चमका  दिया है।  उन्होंने कहा कि राज्य सरकार और केंद्र सरकार मिलकर कार्य करती है।  मुख्यमंत्री के भाषण के बाद  राज्यपाल के अभिनंदन प्रस्ताव को पारित कर दिया।  

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