कमर्शियल रियल एस्टेट और सीनियर लिविंग में 2050 तक आएगा जबरदस्त उछाल
वाणिज्य संवाददाता

मुंबई,19 फरवरी: जैसे-जैसे भारत का डेमोग्राफिक माहौल बदल रहा है, रियल एस्टेट सेक्टर भी एक बड़े मार्केट की ओर बढ़ रहा है। यह बात क्रेडाई महाराष्ट्र के संमेलन “महाकॉन” के 11वें संमेलन में सामने आई. इसमें अनुमान लगाया गया कि 2050 तक यह सेक्टर 36 बिलियन अमेरिकी डॉलर तक बढ़ जाएगा।
महाकॉन 2026 में प्रमुख विषय रखते हुए रुस्तमजी ग्रुप के सीएमडी बोमन ईरानी ने बताया कि रियल एस्टेट उद्योगपिछले दस सालों में 130फीसदी बढ़ा है। उन्होंने कहा कि हमने इस सेक्टर में ज़बरदस्त बदलाव देखे हैं, और अब हम एक बड़े मौके के मुहाने पर खड़े हैं, जहाँ इंडस्ट्री अगले 10 सालों में ₹10 लाख करोड़ का सेक्टर बनने की राह पर है। सीनियर लिविंग इंडियन रियलटर्स के लिए एक खास तौर पर मज़बूत मौका है.यह मार्केट के 2050 तक 36 बिलियन अमेरिकी डॉलर तक पहुँचने की उम्मीद है। श्री ईरानी ने एकेडमिक दुनिया और रियल एस्टेट इंडस्ट्री के बीच मज़बूत कोलेबोरेशन की भी अपील की। इसके लिए आईआईटी और रियल एस्टेट प्लेयर्स देश की आर्थिक प्रगति के लिए मिलकर काम कर सकते हैं। भविष्य की ओर देखते हुए, उन्होंने भारतीय रियल एस्टेट को बदलने में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डेटा के महत्व पर ज़ोर दिया।
महाकॉन में अपने विचार रखते हुए क्रेडाई के पूर्व चेयर मैन सतीश मगर, ने कहा कि “दुनिया तेज़ी से बदल रही है और महाराष्ट्र में नए इंफ्रास्ट्रक्चर, कॉरिडोर और कनेक्टिविटी प्रोजेक्ट्स राज्य के आर्थिक और शहरी माहौल को नया आकार दे रहे हैं। बेहतर ट्रांसपोर्ट नेटवर्क और रीजनल कनेक्टिविटी की वजह से शहरों के बीच की दूरी कम हो गई है, जिससे पारंपरिक शहरी हब से आगे बढ़कर पूरे महाराष्ट्र में इन्वेस्टमेंट, डेवलपमेंट और रोजगार के नए मौके खुल रहे हैं।”इस संमेलन में ग्रोबीजफंड के फाउंडर अमित कुमार,अर्थशास्त्री दीपक करंजीकर,सुश्री श्रेया बजाज शाह,मनीष भटीजा,सतीश मराठे व सांसद अमोल कोल्हे ने अपने विचार रखे.