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भारत और फ्रांस मिलकर माउंट एवरेस्ट की उंचाईयों तक उड़ान भरेंगें – प्रधानमंत्री मोदी

by zadmin

भारत और फ्रांस मिलकर माउंट एवरेस्ट की उंचाईयों तक उड़ान भरेंगें – प्रधानमंत्री मोदी 

विशेष संवाददाता 

मुंबई,@nirbhaypathik : भारत और फ्रांस के बीच मंगलवार को द्विपक्षीय वार्ता हुई। एक कार्यक्रम लोकभावन में हुआ दूसरा गेटवे ऑफ  इंडिया पर  हुआ। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुंबई के फ्रांस के राष्ट्रपति का स्वागत करते हुए कहा कि मेरे प्रिय मित्र, प्रेसीडेंट मैक्रॉ का मुंबई में स्वागत करते हुए मुझे बहुत खुशी हो रही है। पिछले वर्ष, उन्होंने मुझे फ्रांस  में आयोजित AI एक्शन समिट के लिए बुलाया था ।
उस समय हमने मार्सेय की यात्रा की जो फ्रांस का सबसे बड़ा पोर्ट, और फ्रांस और पूरे यूरोप का एक प्रमुख गेटवे भी है। मार्सेय वही शहर है जहां से पहले विश्व युद्ध में हमारे भारतीय सैनिकों  ने यूरोप में अपने कदम रखे। उनकी बहादुरी की गाथा यूरोप के कई भागों में आज भी याद की जाती है।  यह वही शहर है, जहां स्वतंत्रता सेनानी वीर सावरकर ने अंग्रेजों  की पकड़ से निकलने के लिए समुद्र में छलांग लगाई थी। उनका यह कदम भारत की आजादी के लिए उनके अटूट संकल्प का प्रतीक था। मुझे पिछले वर्ष मार्सेय में उनको याद करने और उन्हें नमन करने का अवसर मिला था।
इस बार,जब प्रेसीडेंट मैक्रॉ भारत में AI इम्पैक्ट समिट के लिए आए हैं, तो हमारा सौभाग्य है, कि हम उनका स्वागत, भारत के गेटवे यानि, मुंबई में कर रहें हैं। 

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और फ्रांस  के संबंध बहुत ही विशेष हैं। फ्रांस  भारत के सबसे पुराने स्ट्रटीजिक पार्टनर्स में से एक है। और प्रेसीडेंट मैक्रॉ के साथ मिलकर हमने इस स्ट्रटीजिक पार्ट्नर्शिप को अभूतपूर्व गहराई और ऊर्जा दी है। इसी विश्वास और साझा विजन के आधार पर, आज हम अपने संबंधों को, विशेष ग्लोबल रणनीतिक सहयोगी के रूप में स्थापित कर रहे हैं।
यह साझेदारी केवल रणनीतिक  नहीं है। आज के उथल पुथल से भरे युग में, यह ग्लोबल प्रोग्रेस की पार्टनरशिप  है।
आज भारत में हेलीकॉप्टर असेंबली लाइन का उद्घाटन, इसी गहरे विश्वास का एक और उज्ज्वल उदाहरण है। हमें गर्व है कि, भारत और फ्रांस  मिलकर, माउंट एवरेस्ट की ऊँचाइयों तक उड़ान भरने वाला, विश्व का एकमात्र हेलीकॉप्टर भारत में बनाएंगे और यह पूरे विश्व को एक्सपोर्ट भी करेंगे।
यानि भारत फ्रांस सहयोग की कोई सीमा नहीं है यह समुद्र की गहराई से लेकर पर्वतों की ऊंचाई तक पहुँच सकता है।  
वर्ष 2026, भारत और यूरोप के संबंधों में एक टर्निंग पॉइंट है। कुछ ही दिन पहले, हमने यूरोपियन यूनियन के साथ भारत के इतिहास का सबसे बड़ा, और महत्वाकांक्षी फ्री ट्रेड अग्रीमन्ट किया। यह फ्री ट्रेड अग्रीमन्ट, भारत और फ्रांस के  संबंधों में भी अभूतपूर्व गति लाएगा।
आपसी निवेश को बढ़ावा देने के लिए, आज हम अग्रीमन्ट कर रहे जिससे हमारे लोगों और कम्पनीस को डबल टैक्स न देना पड़े। इन सभी पहलों से, आपसी ट्रेड, इनवेस्टमेंट और मोबिलिटी को नई ऊर्जा मिलेगी।

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