Home मुंबई-अन्य दादर क्षेत्र की 56थमी हुई पुनर्विकास परियोजनाओं के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त करने का मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने दिया निर्देश

दादर क्षेत्र की 56थमी हुई पुनर्विकास परियोजनाओं के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त करने का मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने दिया निर्देश

by zadmin

मुंबई में रुकी हुई पुनर्विकास परियोजनाओं की समीक्षा कर नीति सुनिश्चित की जाएगी- मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे

 दादर क्षेत्र की 56थमी हुई पुनर्विकास परियोजनाओं के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त करने का मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने दिया निर्देश 

मुंबई(@nirbhaypathik):-मुंबई के पुनर्विकास संबंधी रुकी हुई परियोजनाओं की पूरी तरह से समीक्षा कर नई नीति सुनिश्चित की जाएगी. विशेषत: दादर परिसर में विकासकर्ताओं के कारण रुकी हुई 56 परियोजनाओं के लिए नोडल अधिकारी तथा आर्किटेक्ट नियुक्त किया जाए, इन परियोजनाओं के रुके हुए काम को आगे बढ़ाने के लिए क्लस्टर डेवलपमेंट सहित विभिन्न विकल्पों का अध्ययन करने के निर्देश देते हुए इन परियोजनाओं के रुकने के लिए तथा यहां के विस्थापित परिवारों को किराया ना देने वाले विकासकर्ताओं पर कार्रवाई करने के निर्देश मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने  गुरुवार को दिए.विधायक सदा सरवनकर के नेतृत्व में दादर परिसर के थमे हुए पुनर्विकास इमारतों के बाशिंदों के एक प्रतिनिधिमंडल की मुख्यमंत्री श्री शिंदे की अध्यक्षता में सहयाद्री राज्य अतिथि गृह में ग़ुरुवार को एक बैठक संपन्न हुई. इस बैठक में मुख्यमंत्री श्री शिंदे बोल रहे थे. इस अवसर पर गृहनिर्माण विभाग के प्रधान सचिव वलसा नायर- सिंह, महाडा के मुंबई इमारत एवं पुनर्रचना मंडल (एम् बी आर आर बी ) के मुख्य अधिकारी अरुण डोंगरे तथा अन्य अधिकारी उपस्थित थे.बैठक में विधायक सरवनकर ने दादर परिसर में उपकर प्राप्त इमारतों के रुके हुए पुनर्विकास परियोजना की जानकारी दी. इस परिसर में 56 इमारतों का काम रुका हुआ है जिसके कारण साढ़े तीन हजार परिवार दयनीय स्थिति से गुजर रहे हैं. सरवनकर की शिकायत को सुनने के पश्चात मुख्यमंत्री श्री शिंदे ने कहा कि इस मामले को विधायक सरवनकर हमेशा से गंभीरता के साथ प्रस्तुत करते आए हैं.. उन्होंने कहा कि मुंबई में रुके हुए पुनर्विकास परियोजनाओं के लिए नीति सुनिश्चित करने की आवश्यकता है. उन्होंने कहा कि इसके लिए हमने काम की शुरुआत भी की है. खास तौर पर दादर परिसर के उन 56 इमारतों के रुके हुए पुनर्विकास की पूरी जानकारी लेने के लिए तथा प्रत्येक इमारत की समस्या भिन्न-भिन्न होगी, इस बात को ध्यान में रखते हुए उसका अध्ययन करने हेतु एक नोडल अधिकारी नियुक्त किया जाएगा. उन्होंने कहा कि साथ ही एक आर्किटेक्ट की नियुक्ति भी की जाएगी, जिसके कारण क्लस्टर डेवलपमेंट सहित अन्य विकल्पों का अध्ययन किया जा सके.इस बीच, म्हाडा मौजूदा नियमों के तहत पुनर्विकास को रुकवाने के लिए जवाबदेह विकासकर्ताओं पर कार्रवाई करें. उन्होंने कहा कि इन डेवलपर्स को नोटिस दिए जाएं तथा परियोजना अधिग्रहित करने के लिए भी कार्रवाई को आगे बढ़ाया जाए. मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ विकासकर्ताओं ने पुनर्विकास इमारतों में इन पीड़ित परिवारों को जगह देने के काम में टालमटोल शुरू की है और उनसे सकती से निपटा जाए. श्री शिंदे ने कहा कि पिछले अनेक वर्षों से पुनर्विकास का काम रुकने के कारण मुंबई में इन आवासों के मूल मालिकों को शहर के बाहर जाना पड़ा है और सरकार होने के नाते इसमें अपना लक्ष्य केंद्रित करने का हमारा प्रयास है. उन्होंने कहा कि रुके हुए पुनर्विकास के काम को म्हाडा की भांति अन्य किसी यंत्रणा के माध्यम से पूरा किया जा सकता है या नहीं इसके प्रति प्रयास जारी है.इस अवसर पर उपस्थित इन इमारतों के बाशिंदों ने भी अपनी बात बैठक में रखी. इन सभी की बात को मुख्यमंत्री श्री शिंदे ने सुना और नीति तय करने का उन्हें आश्वासन दिया. उन्होंने म्हाडा को निर्देश दिये कि इन नागरिकों की सभी शिकायतें और उनके कहना दर्ज करें.

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